Migration

मिस्र के सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण शरणार्थी विरोधों पर शिकंजा कसा

बार-बार भेदभाव और हिंसा का विरोध करने वाले शरणार्थी अब मिस्र के सुरक्षा बलों की बढ़ती क्रूर प्रतिक्रिया का भी सामना कर रहे हैं।
लगातार हमलों का सामना करते हुए, मिस्र में शरणार्थी अक्सर सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास की मांग करते हैं। फिर भी उन मांगों को आमतौर पर नजरंदाज कर दिया जाता है
लगातार हमलों का सामना करते हुए, मिस्र में शरणार्थी अक्सर सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास की मांग करते हैं। फिर भी उन मांगों को आमतौर पर नजरंदाज कर दिया जाता है

कई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने 6 अक्टूबर रविवार को शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के सामने हो रहे विरोध प्रदर्शनो को रोकने के लिए शरणार्थियों पर बल्ले और पानी के तोपों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने घटना के किसी भी चित्र या वीडियो को फैलने से रोकने के लिए कई लोगों और प्रदर्शनकारियों के फोन ज़ब्त किए और उन्हे गिरफ्तार भी किया ।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, दर्जनों शरणार्थी - उनमें से अधिकांश सूडान के दारफुर क्षेत्र से, साथ ही दक्षिण सूडान, इरिट्रिया और सोमालिया से - मिस्र में शरणार्थियों के खिलाफ और विशेष रूप से बच्चों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की निंदा करने के लिए इकट्ठा हुए थे, विशेष रूप से एक सूडानी बच्चे के लिये , कई प्रदर्शनकारियों के अनुसार जिसकी मौत 6 अक्टूबर को हुई । । प्रदर्शनकारियों की माँगों में मिस्र के अंदर अधिक से अधिक सुरक्षा, पुनर्वास या नामित शिविरों में आंतरिक रूप से स्थानांतरण शामिल थे। (मिस्र इस क्षेत्र के अन्य देशों से अलग है कि इसमें शरणार्थियों, शरणार्थियों की तलाश या नामित शिविरों में आंतरिक रूप से विस्थापित हुए लोग नहीं हैं)।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन के 15 मिनट के भीतर हीं उन्हें पानी से खदेड़ना शुरू कर दिया ।

डारफुर के एक शरणार्थी ने कहा, “हमने अपनी सुरक्षा के उद्देश्य से आयोग को एक संदेश देने के लिए एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, विशेष रूप से अबना अल-गिजा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए । “हम शिकायतें प्रस्तुत करते हैं और कोई भी हमारी बात नहीं सुनता ।”

विरोध प्रदर्शन का आह्वान गुरुवार 6 अक्टूबर को शहर में सूडानी शरणार्थी 14 वर्षीय मोहम्मद हसन की हत्या के बाद हुआ। लोक अभियोजन ने अगले शनिवार को घोषणा की कि संदिग्ध अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है । रविवार को एक दूसरे बयान में अभियोजन पक्ष ने प्रतिवादी को चार दिनों के लिए हिरासत में रखने का आदेश दिया, जब उसने पैसे के विवाद के कारण बच्चे के पिता से बदला लेने के लिए उसके घर के अंदर घुस कर बच्चे की हत्या करने की बात स्वीकार की।

रविवार के बयान में अभियोजन पक्ष ने कहा कि वह बिना किसी भेदभाव के मिस्र और विदेशियों के खिलाफ हमलों का सामना करने के लिए कानूनी उपायों का पालन कर रहा था। "हम दावा कर रहे हैं कि मिस्र में शरणार्थियों या विदेशियों के कम अधिकार होने का दावा करने के लिए कुछ शिकारियों द्वारा किए जा रहे हताश प्रयासों के बारे में लोगों को पता है और उन पर किसी भी तरह से हमले बर्दाश्त किए जाते हैं।"

यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर तैनात सुरक्षा बलों के अलावा अबना अल-गिज़ा और मासकेन ओथमैन - दो सामाजिक आवास परियोजनाएं जहां बड़ी संख्या में सूडानी शरणार्थी रहते हैं - में 6 अक्टूबर को बच्चे की हत्या के बाद, और भी भारी सुरक्षा मौजूद थी।

“हम संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी से सुरक्षा की मांग ले कर प्रदर्शन करने आए थे” डारफुर के एक शरणार्थी जो 2016 से मिस्र में रह रहे हैं और पीड़ित परिवार के पड़ोसी हैं, ने कहा। “हम में से ज्ज़्यादातर महिलाएं हैं और विरोध शांतिपूर्ण था। हम फुटपाथ पर खड़े थे। एक अधिकारी ने आकर बताया कि अगर हम 10 मिनट में नहीं जाते हैं तो हम मर जाएंगे। हम अपनी स्थिति के बारे में दृढ़ रहे। हम मिस्र के किसी राजनीतिक मुद्दे को संबोधित नहीं कर रहे हैं, हम राजनीति से भाग रहे हैं। हम बच्चों के साथ माँएं, हैं और हम यहां मारे गए बच्चे, मोहम्मद हसन की माँ का प्रतिनिधित्व करने आए थे। मोहम्मद हमारा बच्चा है।”

रविवार के विरोध के तुरंत बाद, हसन के घर के बाहर कई सूडानी शरणार्थी मुर्दाघर से उसके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे, पुलिस बलों ने कथित तौर पर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

क्षेत्र के एक निवासी के अनुसार, एक बच्चे को आंसू गैस के कनस्तर से सिर में चोट लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस ने सड़क के साथ-साथ

उनके घरों से भी कई लोगों को हिरासत में लिया, उनके फोन की तलाशी ली और शरणार्थियों के निवास के काग़ज़ात की जांच की, बिना काग़ज़ात के या जिनकी निवास अवधि समाप्त हो गई थी, उन्हें गिरफ्तार किया गया ।

पड़ोसी ने कहा कि पुलिस ने केवल हसन के पिता को रविवार को दफन करने की अनुमति दी और किसी और के भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने कहा कि सोमवार को क्षेत्र में सुरक्षा बलों की उपस्थिति कम हो गई, लेकिन पुलिस ने इलाके में गश्त करना जारी रखा है और कई सूडानी निवासी अपने घरों से निकलने से डरते हैं।

मृत बच्चे की चाची, जो कि दारफुर की एक शरणदाता है और 2018 से मिस्र में रहती है, ने माडा मसर को बताया कि जिस क्षेत्र में वे रहते हैं वह “बहुत बुरा है और इसमें कोई सुरक्षा नहीं है। हमारे बच्चों को पीटा जाता है, परेशान किया जाता है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। हम उन्हें सुपरमार्केट भेजने से डरते हैं। मिस्र में हमारे साथ जो हो रहा है, वह बहुत मुश्किल है। यूएन ने हमें कोई जवाब नहीं दिया। हम UNHCR के समक्ष खड़े हुए चुपचाप विरोध कर रहे थे, फिर भी उन्होंने पुलिस को भेजा”, उसने कहा।

लगातार हमलों का सामना करते हुए, मिस्र में शरणार्थी अक्सर सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास की मांग करते हैं। फिर भी उन मांगों को आमतौर पर नज़रंदाज़ कर दिया जाता है।

रविवार के विरोध के आयोजन में शामिल स्रोत ने सुरक्षित क्षेत्र में पुनर्वासन के अपने अनुरोध को वापस ले लिया क्योंकि कई मिस्रियों ने 2017 में मसकन ओथमन में उसके 12 वर्षीय भाई पर चाकू से हमला किया था। प्रतिक्रिया में, काहिरा में साइको-सोशल सर्विसेज़ एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, UNHCR का एक साथी संगठन जो शरणार्थियों को चिकित्सा और सामाजिक सेवाएं प्रदान करता है, ने उनके विवरण को लेने के लिए एक प्रतिनिधि भेजा; हालांकि,

संगठन ने कोई वैकल्पिक आवास प्रदान नहीं किया, स्रोत ने कहा।

मिस्र में शरणार्थियों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव की कई घटनाएं हाल ही में सामने आई हैं, साथ ही महिला शरणार्थियों और प्रवासियों के खिलाफ यौन हिंसा की घटनाएं बार बार हो रही हैं ।

2016 से मिस्र में रह रहे एक सूडानी शरणार्थी ने माडा मसर को बताया कि वह अक्टूबर से सड़क पर रह रही हैं, क्यूंकि ऐन शम्स के उसके घर में यौन उत्पीड़न किये जाने के बाद उसे घर से बाहर निकाल दिया गया था। उसने कहा कि बलात्कार के बाद एक से अधिक अस्पताल ने उसका इलाज करने से इनकार कर दिया और उसने अंततः डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की शरण ली।

उसने बताया कि जब उसने अपने बलात्कार के बारे में पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की कोशिश की, तो उन्होंने कथित तौर पर उससे कहा कि, “यहाँ से जाओ ब्लैकी, हम अपने ही एक आदमी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करेंगे।

शरणार्थियों ने कहा कि यौन हमला ऐसे कई शरणार्थियों के साथ होता है जो लोगों के घरों के अंदर काम करते हैं। “हम मिस्र में गंभीर रूप से अपमानित हैं। अगर हम उन घरों को छोड़ देते हैं जहां हम काम करते हैं तो वे हमें भुगतान नहीं करेंगे। काम पर बलात्कार होता है, और सड़क पर उत्पीड़न होता है जहां मुझे नस्ल के नाम पर गालियां दी जाती हैं । हम इस देश को छोड़ना चाहते हैं, हम सुरक्षा चाहते हैं, हम थक गए हैं।”

हेदर एल-महदावी, स्वतंत्र द्विभाषी समाचार वेबसाइट माडा मसर के लिए पूर्णकालिक रिपोर्टर है। वह राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषयों, जैसे कि राजनीतिक नज़रिए, श्रम, महिला अधिकारों, शरणार्थियों, धार्मिक अल्पसंख्यकों या निजी संपत्ति और ज़मीन की ज़ब्ती पर ध्यान केंद्रित करती हैं।

Help us build the Wire

The Wire is the only planetary network of progressive publications and grassroots perspectives.

The mission of the Wire is bold: to take on the capitalist media by creating a shared space for the world’s radical and independent publications, building a coalition that is more than the sum of its parts.

Together with over 40 partners in more than 25 countries — and the relentless efforts of our team of translators — we bring radical perspectives and stories of grassroots struggles to a global audience.

If you find our work useful, help us continue to build the Wire by making a regular donation. We rely exclusively on small donors like you to keep this work running.

Support
Available in
EnglishItalian (Standard)SpanishGermanFrenchPortuguese (Portugal)HindiPortuguese (Brazil)
Author
Hadeer El-Mahdawy
Translators
Jahnavi Taak and Nivedita Dwivedi
Date
17.11.2020

More in Migration

Migration

Migrants Organise

Receive the Progressive International briefing
Privacy PolicyManage CookiesContribution Settings
Site and identity: Common Knowledge & Robbie Blundell