ट्रम्प प्रशासन वेनेज़ुएला के तेल उत्पादन से होने वाले सभी रॉयल्टी, कर और लाभांश भुगतानों को ऐसे खातों में जमा कराने के लिए बाध्य कर रहा हैजिनका प्रबंधन वॉशिंगटन करता है।
यह आदेश 3 जनवरी के सैन्य हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण के बाद, साथ ही दिसंबर में लगाए गई नौसैनिक नाकेबंदी की पृष्ठभूमि में, वेनेज़ुएला के कच्चे तेल के निर्यात से होने वाली आय पर व्हाइट हाउस के नियंत्रण को और मजबूत करता है।
अमेरिकी ट्रेज़री विभाग ने 18 फरवरी को अपने अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) के अनुभाग को अपडेट किया, ताकि हाल ही में जारी प्रतिबंधों में दी गई छूटों की शर्तों को स्पष्ट किया जा सके, जिनके तहत पश्चिमी कंपनियों को वेनेज़ुएला के तेल क्षेत्र में अपनी भागीदारी का विस्तार करने की अनुमति दी गई है।
लाइसेंसों के तहत, वेनेज़ुएला के प्राधिकरणों को किए जाने वाले केवल “स्थानीय करों, परमिटों और शुल्कों के नियमित भुगतान” की ही अनुमति है।
पाठ में कहा गया है, "अन्य भुगतान, जिनमें रॉयल्टी, प्रति बैरल उत्पादन पर निर्धारित शुल्क, या प्रतिबंधित व्यक्तियों, जैसे वेनेज़ुएला सरकार या (सरकारी तेल कंपनी) पीडीवीएसए (PDVSA), को देय संघीय कर शामिल हैं, उन्हें विदेशी सरकारी जमा कोष (फ़ॉरेन गवर्नमेंट डिपॉज़िट फ़ंड) में जमा करना होगा।”
कार्यवाहक रोड्रिगेज़ प्रशासन ने अभी तक नए प्रतिबंधों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
जनवरी से, वाशिंगटन ने वेनेज़ुएला के कच्चे तेल के निर्यात पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, साथ ही उससे प्राप्त आय को क़तर में अमेरिका द्वारा संचालित एक खाते में जमा कराया जा रहा है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने हाल ही में घोषणा की कि अब धनराशि सीधे अमेरिकी ट्रेज़री के एक खाते में जमा की जाएगी। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि यह व्यवस्था व्हाइट हाउस को वेनेज़ुएला सरकार की नीतियों को प्रभावित करने के लिए एक “दबाव का साधन” प्रदान करती है, जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि कराकास को अपनी ही तेल से हुई आय तक पहुँच प्राप्त करने के लिए एक “बजट अनुरोध” प्रस्तुत करना होगा।
प्रारंभिक अनुमानित 2 बिलियन (200 करोड़) अमेरिकी डॉलर के समझौते में से कम से कम 500 मिलियन (50 करोड़) अमेरिकी डॉलर वेनेज़ुएला को वापस कर दिए गए हैं, जिन्हें बैंकों द्वारा विदेशी मुद्रा की नीलामियों के तहत पेश किया गया। वेनेज़ुएला के अधिकारियों ने यह भी बताया है कि “अनब्लॉक्ड फंड्स” (प्रतिबंधों से मुक्त की गई धनराशि) का उपयोग करते हुए अमेरिकी निर्माताओं से दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों का आयात किया गया है।
गुरुवार को अमेरिकी ट्रेज़री विभाग के विदेशी परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने जनरल लाइसेंस 50A जारी किया, जिसके तहत चुनिंदा कंपनियों को पीडीवीएसए (PDVSA) या वेनेज़ुएला की किसी अन्य सार्वजनिक इकाई के साथ हाइड्रोकार्बन परियोजनाओं से संबंधित लेनदेन और संचालन करने की अनुमति मिल गई है। यह दस्तावेज़ 13 फ़रवरी को जारी किए गए जनरल लाइसेंस 50 जैसा ही है, लेकिन इसमें सूची में पहले से शामिल बीपी (BP), शेवरॉन (Chevron), एनी (Eni), रेप्सोल (Repsol) और शेल (Shell) के साथ फ्रांसीसी कंपनी मॉरेल एंड प्रॉम (Maurel & Prom) को भी जोड़ा गया है।
मॉरेल एंड प्रॉम की कैरेबियाई देश में मुख्य परियोजना पेट्रोरीजनल डेल लागो के संयुक्त उद्यम में अल्पांश हिस्सेदारी है, जो वर्तमान में प्रतिदिन 21,000 बैरल (बीपीडी) तेल का उत्पादन करता है। कंपनी के अधिकारियों ने हाल ही में कराकास द्वारा विदेशी निवेश सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ के साथ बैठक की।
हाल के हफ़्तों में, ट्रम्प प्रशासन ने वेनेज़ुएला के ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका और यूरोप की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कई लाइसेंस जारी किए हैं, जिसमें अब डाइल्यूएंट्स, औद्योगिक इनपुट्स और प्रौद्योगिकी के आयात की अनुमति दी गई है। 13 फरवरी को जारी जनरल लाइसेंस 49 के तहत कंपनियों को वेनेज़ुएला के साथ उत्पादन और निवेश संबंधी समझौते करने से पहले एक विशेष लाइसेंस के लिए आवेदन करना अनिवार्य किया गया है।
अमेरिकी ट्रेज़री विभाग ने वेनेज़ुएला के तेल उद्योग के विरुद्ध लागू मौजूदा दबाव बनाने वाले उपायों को बरकरार रखते हुए कुछ प्रतिबंधों में छूट जारी की, जिनमें पीडीवीएसए (PDVSA) पर लगाए गए वित्तीय प्रतिबंध भी शामिल हैं। इन लाइसेंसों के तहत क्यूबा, चीन, ईरान, उत्तर कोरिया और रूस की कंपनियों के साथ किसी भी प्रकार के लेनदेन पर भी रोक लगाई गई है।
देश के हाइड्रोकार्बन कानून में व्यवसाय-समर्थक व्यापक संशोधन को वेनेज़ुएला की नेशनल असेंबली द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद प्रतिबंधों में चयनात्मक ढील दी गई। यह सुधार निजी निगमों को संचालन और बिक्री पर ज़्यादा नियंत्रण प्रदान करता है, साथ ही विवादों को बाहरी मध्यस्थता के लिए ले जाने की संभावना भी खोलता है।
सुधारे गए कानून में यह प्रावधान भी किया गया है कि वेनेज़ुएला की कार्यपालिका मनमाने ढंग से रॉयल्टी और एक नए “एकीकृत कर” को घटा सकती है, जिनकी अधिकतम सीमा क्रमशः 30 और 15 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसी तरह, कार्यपालिका को यह अधिकार भी प्राप्त है कि यदि किसी परियोजना को “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी” बनाने के लिए आवश्यक समझा जाए, तो वह तेल उद्योग के लिए निर्धारित 50 प्रतिशत आयकर में कटौती कर सकती है।
अमेरिका द्वारा निर्धारित शर्तों और संशोधित कानून के अनुसार, रेप्सोल (Repsol) जैसी अल्पसंख्यक साझेदार कंपनियों को देय रॉयल्टी, कर की राशि तथा पीडीवीएसए (PDVSA) को मिलने वाले लाभांश को अमेरिकी ट्रेज़री द्वारा निर्दिष्ट खातों में जमा करने से पहले वेनेज़ुएला के संयुक्त उपक्रमों से प्राप्त कच्चे तेल को बेचने की अनुमति है।
ट्रम्प द्वारा लागू की गई व्यवस्था के तहत कच्चे तेल की शुरुआती बिक्री विटोल (Vitol) और ट्रैफिगुरा (Trafigura) नामक कमोडिटी ट्रेडिंग कंपनियों के माध्यम से की गई थी। इन कंपनियों ने वेनेज़ुएला के बंदरगाहों से तेल के कार्गो उठाए और बाद में उन्हें अंतिम ग्राहकों को पुनः बेच दिया। हालांकि, रॉयटर्स (Reuters) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में स्थित रिफाइनरियाँ, जिनमें फिलिप्स 66 (Phillips66) और सिटगो (CITGO) शामिल हैं, अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए सीधे वेनेज़ुएला से कच्चा तेल हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।
पीडीवीएसए (PDVSA) की सहायक कंपनी सिटगो (CITGO) को दक्षिण अमेरिकी देश के खिलाफ लेनदारों के दावों का निपटान करने के लिए अदालत के आदेश पर आयोजित नीलामी के बाद एलियट मैनेजमेंट (Elliott Management) नामक वल्चर फंड द्वारा अधिग्रहित किए जाने की संभावना बढ़ गई है। वर्ष 2019 से इस कंपनी का प्रबंधन अमेरिका समर्थित वेनेज़ुएला के विपक्ष द्वारा नियुक्त निदेशक मंडलों के हाथों में रहा है।
