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मैं यह दिखाने के लिए नुएस्ट्रा अमेरिका ऐड कॉन्वॉय से जुड़ा कि क्यूबा अकेला नहीं है

जेरेमी कॉर्बिन ने बताया कि किस तरह से सघन अमेरिकी नाकाबंदी की वजह से क्यूबा में ब्लैकआउट, अस्पताल में सुविधाओं की कमी और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में परेशानियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने इस नाकाबंदी का उल्लंघन करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सहायता काफिले से जुड़ने की अपनी वजहें भी साझा कीं।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को कैद करने के बाद अमेरिका ने वेनेजुएला का तेल क्यूबा तक पहुंचने पर रोक लगा दी, शिपमेंट को जब्त कर लिया और क्यूबा को ईंधन की आपूर्ति करने वाले सभी देशों पर टैरिफ़ लागू कर दिए। कॉर्बिन ने मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ के अंतरराष्ट्रीय काफिले के हिस्से के रूप में क्यूबा की यात्रा की। इस यात्रा में एक कैंसर अस्पताल में चिकित्सा से जुड़े सामान पहुंचाना भी शामिल था जहां पर स्टाफ को सामान की कमी से जूझना पड़ रहा है। इस आलेख में उन्होंने यूरोपीय देशों को अमेरिका की अवहेलना करके उनके तेल टैंकर क्यूबा भेजने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस नाकाबंदी का मकसद है कि क्यूबा के लोगों को भूखा रखा जाए जिससे वे हार मानने के लिए मजबूर हो जाए।

हवाना में कार से यात्रा के दौरान शहर के ज़्यादातर हिस्से अंधेरे में डूबे हुए हैं। सप्ताह में ऐसा दूसरी बार हो रहा है जब पूरे क्यूबा में 1 करोड़ से ज़्यादा लोगों को नेशनल ब्लैकआउट के चलते बिना बिजली के गुजारा करने पर मजबूर होना पड़ा। हमें बताया गया कि कुछ जगहों पर लोग 14 घंटों से बिना बिजली के गुजारा कर रहे थे।

यह एक ऐसी आपराधिक और अमानवीय नाकाबंदी की जीती-जागती असलियत है जिसे अमेरिका ने क्यूबा पर थोपा है। क्यूबा 60 से अधिक वर्षों से अमेरिकी प्रतिबंधों के साये में जी रहा है। इन प्रतिबंधों ने न केवल इन दो देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगाई है बल्कि इसने क्यूबा को बाकी दुनिया से काटकर अलग-थलग करने की कोशिश भी की है।

इस साल के जनवरी महीने तक क्यूबा को वेनेजुएला से डिस्काउंट के साथ तेल मिल रहा था। हालांकि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के गैर-कानूनी अपहण और कैद  के बाद, ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला का तेल क्यूबा नहीं जाएगा जिसके लिए क्यूबा जाने वाले शिपमेंट को जब्त कर लिया गया और कैरिबियाई सागर में समुद्री जहाजों को रोक दिया गया।

29 जनवरी को क्यूबा को एक “असामान्य और असाधारण खतरा” घोषित करते हुए ट्रंप ने क्यूबा को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तेल की आपूर्ति करने वाले देशों पर नए टैरिफ़ लगाकर तेल पर संपूर्ण नाकाबंदी को सीधे तौर पर लागू कर दिया। हेल्म्स-बर्टन एक्ट की बेहद कठोर व्याख्या के तहत ट्रंप क्यूबा से व्यापार करने वाली किसी भी कंपनी को अमेरिका में किसी भी तरह से व्यापार करने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। स्वाभाविक रूप से यह ऐसी किसी भी यूरोपीय कंपनी को हतोत्साहित करने के लिए एक बड़ी वजह है जो कि उदाहरण के लिए क्यूबा में ऊर्जा आपूर्ति उद्योग में निवेश करना चाहती है। 

इस आपराधिक नाकाबंदी के बुरे नतीजे हो रहे हैं। घर में फ़्रिज में रखी जाने वाली खाने की चीजें खत्म हो गई हैं। फ़ैक्ट्रियों में काम नहीं हो रहा है। स्कूल बंद हो गए हैं। अस्पताल काम नहीं कर रहे हैं। अपने ही शहर में कार या बस से यात्रा करने जैसा मामूली काम भी अचानक असंभव सा हो गया है। ब्लैक मार्केट में पेट्रोल की कीमतें $40 प्रति गैलन (लगभग £10 प्रति लीटर) तक पहुंच गई हैं। चंद ऐसे लोग जिनके पास बहुत सारा अतिरिक्त कैश बचा है, केवल वही ईंधन हासिल कर पा रहे हैं। लाखों लोगों के लिए सामान्य जीवन बहुत ज़्यादा मुश्किल हो गया है।

यही वजह है कि मैंने क्यूबा जाने वाले नुएस्ट्रा अमेरिका कॉन्वॉय से जुड़ने का फैसला किया। यह क्यूबा के लोगों तक अहम मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए समर्पित लोगों और संगठनों का एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन है। प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल द्वारा आयोजित इस प्रतिनिधिमंडल में 30 अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। कई मौकों पर क्यूबा बाकी दुनिया के लिए खड़ा होता रहा है। अब बाकी दुनिया भी उनके लिए खड़ी थी।

हमने दो हिस्सों में सहायता पहुंचाई है। पहली खेप जॉन लेनन पार्क के नज़दीक सॉलिडैरिटी सेंटर में पहुंचाई गई थी जो उस दिन एक म्यूजिक कंसर्ट आयोजित करने वाला था। इस कंसर्ट में क्यूबाई विद्यार्थियों ने उम्मीद जगाने वाले और शानदार गीत ‘गुआंतानामेरा’ सहित पारंपरिक क्यूबाई संगीत की अद्भुत प्रस्तुति की।

दूसरी खेप क्यूबा कैंसर हॉस्पिटल के लिए पहुंचाई गई। रिचर्ड बर्गन माननीय सांसद, क्यूबा सॉलिडैरिटी कैंपेन की नताशा हिकमैन और मैंने खुद उपकरणों और दवाइयों से भरे कई बक्से सौंपे। इनमें ऐसे उपकरण और दवाइयां भी शामिल थीं जिन्हें क्यूबा में हासिल करना बेहद मुश्किल था। रोगियों की देखभाल के लिए ज़रूरी उपकरण की कमी का सामना कर रहे हेल्थकेयर कर्मियों ने नाकाबंदी के बीच काम करने के दबाव के बारे में बताया। अस्पताल ठीक से चल रहा था लेकिन उनके सामने मौजूद चीज़ों की कमी के चलते इसे चलाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। अक्सर वे उन बैकअप जनरेटर को भी नहीं चला पाते थे जिनकी ज़रूरत जीवन-रक्षक देखभाल के लिए पड़ती है।    

इस यात्रा का मकसद दोतरफा था। पहला, क्यूबा के लोगों को अत्यावश्यक मानवीय सहायता पहुंचाना। दूसरा नाकाबंदी को खत्म करने के लिए लोगों को गोलबंद करना, यह दिखाना कि नाकाबंदी को तोड़ा जा सकता है और यह भी दिखाना कि अमेरिकी सरकार सभी चीजें अपने मनमाने तरीके से नहीं कर सकती है। हम क्यूबा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने, इन दंडात्मक नीतियों का विरोध करने और हरेक देश के भयमुक्त होकर रहने, विकास करने और अपना भविष्य निर्धारित करने के अधिकार की मांग का समर्थन करने के लिए वहां मौजूद थे।

मैंने अपने पूरी जीवन में क्यूबा का समर्थन किया है। जब फ़िदेल कास्त्रो 1959 में हवाना में दाखिल हुए तो मेरी माँ ने मुझे जगाते हुए कहा, “फ़िदेल हवाना आ गए हैं।” मैं पहली बार 1986 में क्यूबा आया और बाद में तीन और यात्राएं भी कीं। मेरी एक ख़ास याद अपने बेटे के साथ क्यूबा में साइकिल से यात्रा करने की है। मेरे मन में क्यूबा के लोगों के लिए बहुत सम्मान है जिन्होंने 60 से अधिक वर्षों से एक आपराधिक नाकाबंदी में अपनी जीवन जिया है और इसका डटकर सामना किया है।

हमारी यात्रा के दौरान हमारी राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई जिन्होंने इस बारे में बताया कि क्यूबा इस बड़ी मुश्किल का कैसे सामना कर रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि क्यूबा के लोग किस तरह से जिंदा रहने और आगे बढ़ने के लिए इनोवेटिव यानी कल्पनाशील तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमने मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श किया जिन्होंने बताया कि बिजली के लिए सौर और पवन ऊर्जा-निर्माण में निवेश की ज़रूरत बढ़ती जा रही है। ज़रूरी साजो-सामान खरीदने और ऊर्जा आपूर्ति सिस्टम को फिर से इस्तेमाल करने के लिए लगभग 14 बिलियन अमेरिकी डालर जितनी रकम की ज़रूरत है जिससे क्यूबा के लिए ऊर्जा स्वतंत्रता की गारंटी दी जा सकती है।

ट्रंप की नाकाबंदी को पूरी दुनिया में संप्रभु राष्ट्रों पर अमेरिका द्वारा किए जा रहे व्यापक हमलों के हिस्से के तौर पर देखा जाना चाहिए। उनका हस्तक्षेप करने का अनुमानित अधिकार जैसा कि उन्होंने वेनेजुएला, ईरान और क्यूबा में किया, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हरेक पहलू के पूरी तरह से विरुद्ध है। ट्रंप को न जाने क्यों ऐसा लगता है कि दक्षिणी गोलार्द्ध में होने वाली किसी भी घटना में अमेरिकी दखल होना चाहिए। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। ट्रंप दुनिया को बताते हैं कि वह जीत रहे हैं। जबकि ऐसा नहीं है। वह दुनिया के हरेक नैतिक और कानूनी तर्क को कहने का अधिकार खो चुके हैं।

मेरी यात्रा के दौरान कई लोगों ने यह सवाल पूछा: असल में अमेरिका क्यूबा से क्या चाहता है? अमेरिका की ओर से क्यूबा की सरकार से कोई मांग नहीं की जा रही है। इसके बजाय नाकाबंदी से जुड़ी एक सामान्य धारणा बताई जाती है कि क्यूबा कोई खराब जगह है और इसीलिए उसे अब तक के सबसे सघन प्रतिबंधों के तहत रखा जाना चाहिए।

क्यूबा का अपराध है कि इसने सार्वजनिक सेवाओं को विकसित किया है, इसने सबके लिए उपलब्ध हेल्थकेयर सिस्टम तैयार किया है और अमेरिका से तुलना करने योग्य या इससे भी ज़्यादा जीवन प्रत्याशा विकसित की है। अमेरिकी नाकाबंदी न केवल क्यूबा को खत्म करने की कोशिश है बल्कि यह क्यूबा के उदाहरण को भी खत्म करने की कोशिश है।

हर साल संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में अधिकांश देश प्रतिबंधों के विरुद्ध वोट देते हैं और फिर इसके अलावा कुछ नहीं करते। अगर ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी और अन्य देश किसी तेल टैंकर को क्यूबा में तेल पहुंचाने के लिए कहें, तो क्या अमेरिका वाकई उस तेल टैंकर पर बम गिराएगा?  क्या वह वाकई तेल टैंकर को वहां तक पहुंचने से रोके देगा?  इस सवाल को पूछने तक में हमारी सरकार की विफलता उसकी राजनीतिक कायरता और नैतिक दिवालियापन का सबूत है।

मेरे क्यूबा प्रस्थान करने से पहले हमने अपने निर्वाचन क्षेत्र में क्यूबा के लिए एक शानदार संगीत आयोजन किया जो क्यूबा के लिए एक आपातकालीन चंदा जुटाने के कार्यक्रम का हिस्सा था। यह आयोजन उस एकजुटता की मजबूती और दायरे का सबूत था जो दुनिया भर में क्यूबा के लिए मौजूद है। आपराधिक नाकाबंदी का मकसद साफ है: क्यूबा के लोगों को भूखा रखकर उन्हें हार मानने के लिए मजबूर करना। यह मकसद कामयाब नहीं होगा। अमेरिका जितना ज़्यादा यह चाहे कि क्यूबा अलग-थलग पड़ जाए, क्यूबा अलग-थलग नहीं है।

जेरेमी कॉर्बिन  इस्लिंगटन नॉर्थ से स्वतंत्र संसद सदस्य हैं।

Available in
EnglishSpanishPortuguese (Brazil)GermanFrenchTurkishHindiItalian (Standard)
Author
Jeremy Corbyn
Translators
Kapil Swami, Manzar Bari and ProZ Pro Bono
Date
08.04.2026
Source
Novara MediaOriginal article🔗
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